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मी आमदार झालो तर निबंध, मैं बोला अभी मुझे 2 बजे फिर हॉस्पिटल वापस पहुचना है. अब 1:30 बज चुका है. तू ही सोच ऐसे मे कैसे बात हो सकती है. मैं तुझे इसी वजह से कॉल नही लगा पाया. क्योकि मैं तुझसे आराम से बात करना चाहता था. लेकिन अब लगता है कि, रात से पहले ऐसा नही हो पाएगा. कीर्ति बोली ये सच हो सकता है. मगर ना जाने क्यो, मेरा दिल इसे मानने को तैयार नही है. मुझे अपना दोस्त समझ कर सच सच बताओ. मैं सच को जाने बिना यहा से नही जाउन्गी.

ये सब बातें मेरे मन मे आते ही, मैं अपनी माँ और बहनों को देखने के लिए तड़प उठा. लेकिन आज इस परदेस मे मेरे पास, ना तो मेरी बहनों का साथ था, और ना ही मेरी माँ की गोद थी. यही सब सोचते हुए मैने छोटी माँ से कहा. कीर्ति बोली यहाँ सब ठीक है. अमि निमी भी अच्छी है और दोनो स्कूल गयी है. निमी ज़रूर स्कूल ना जाने की ज़िद कर रही थी मगर मैने उसे समझा कर स्कूल भेज दिया है. आंटी मम्मी के पास ही है और उनने कहा था कि जब मेरी तुम लोगो से बात हो तो मैं उनको खबर दे दूं.

रिया ने हमारी ऐसी हालत देखी तो वो हँसने लगी. बाकी के सभी लोग भी रिया की हँसी मे साथ दे रहे थे. उस लड़की के चेहरे पर भी हमारी हालत देख कर हँसी थिरक उठी. मैं और मेहुल सबको इस तरह हंसते देख झेप गये मगर अभी भी अपनी ही जगह पर ही खड़े रहे. तब दादा जी ने सबको चुप कराया और हम से कहा. मी आमदार झालो तर निबंध आंटी बोली हम सब तो खाना खा चुके है. बस तुम और कीर्ति ही खाना खाने के लिए बाकी रह गये थे. अब ज़्यादा समय बर्बाद मत करो और चुप चाप खाना खाओ.

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  1. मेरी बात सुनकर कीर्ति हँसने लगी और फिर हम लोग कुछ देर बाद चाय लेकर वापस सबके पास आ गये. लेकिन सबको चाय देने के बाद कीर्ति मुझे फिर दूसरी तरफ खीच कर ले गयी. मैने कहा.
  2. मैं बोला सॉरी, मुझे कोई और समझ मे नही आया तो, मैं उसका नाम ले गया. तुम बताओ तुम्हारी नज़र मे ऐसी कौन सी लड़की है. जो खुशी खुशी ये सब करने को तैयार हो जाएगी. भूत की सेक्सी पिक्चर
  3. कीर्ति बोली दूसरी बात ये कि 11 बजे के बाद का टाइम मैने सिर्फ़ अपने लिए बात करने का टाइम रखा है. इस समय मे तुम किसी से भी बात नही करोगे. फिर चाहे वो रिया ही क्यों ना हो. ये कहते हुए मैं उसके पास से उठा और उसका गिफ्ट नीचे गिरा हुआ गिफ्ट उठाने लगा. अपने गिफ्ट को नीचे पड़ा देख प्रिया ने कहा.
  4. मी आमदार झालो तर निबंध...मैने अंकल से उनकी तबीयत पुछि. फिर उन्हे घर का सारा हाल चाल बताता रहा. राज से भी मेरी थोड़ी बहुत बात हुई. थोड़ी देर अंकल के पास रुक कर, मैं वापस नीचे आ गया. कीर्ति ने चौुक्ते हुए मेरी तरफ देखा. मगर अब उसके चेहरे से उसकी चिर पर्चित मुस्कान गायब थी. वो बिना कुछ कहे अपनी जगह से उठी और उठ कर चल पड़ी. मैं भी खड़ा हुआ और उसके साथ साथ चलने लगा.
  5. छोटी माँ बोली तू इतनी देर तक कहाँ था. तुझसे मैने कहा भी था कि, जल्दी घर आना. लेकिन तेरी समझ मे मेरी बात नही आई. क्योकि तू अब बड़ा हो गया है और अपनी मर्ज़ी से कुछ भी कर सकता है. आज ना पद्मिीनी के जोश मे कोई कमी थी और ना ही मेरे जोश मे कोई कमी थी. हम दोनो खुल कर इस सब का मज़ा ले रहे थे और ज़ोर ज़ोर धक्के लगा रहे थे. कुछ देर बाद पद्मिुनी के शरीर ने हलचल करना सुरू कर दी.

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प्रिया के जनम के बाद मैं अपने आपको संभाल चुका था. इसलिए फिर मैने और पद्मिकनी ने कभी सेक्स संबंध बनाने की कोई कोशिश नही की और हम लोग अपने बच्चों के बीच खुश रहने लगे.

रिया बोली तुम्हारी बात सही है, मगर इस वक्त ये कमरा तुम्हारा है. यदि तुमको मेरा आना पसंद नही है तो, मैं यहा से चली जाती हूँ. आंटी बोली देखो बेटा, अभी वो तुम्हारे घर मे नयी है. उस ने सोचा होगा कि, यदि उसने तुम्हारे स्कूल से देर से आने की बात तुम्हारे पापा से ना बताई और कल को तुम्हे कुछ हो गया तो, सब यही कहेगे कि सौतेली माँ थी, इसलिए लड़के का ख़याल नही रखा. अब वो नयी है तो, उसे तुम लोगों को समझने मे कुछ समय तो लगेगा ही है.

मी आमदार झालो तर निबंध,इतनी बात के बाद कीर्ति के सिसकने की आवाज़ आने लगी. वो रोने लगी थी. उसे रोते देख मुझे खुद पर गुस्सा आया कि, मैने ये कैसा बेतुका सवाल कर लिया. मैने अपनी बात को संभालते हुए कहा.

मैने एक हाथ उसके बूब्स पर रखा और उन्हे मसल्ने लगा. दूसरे हाथ से मैं उसके कुल्हों को अपने लिंग पर दबाने लगा. पद्मिउनी भी पूरे जोश मे थी और अपनी कमर को हिलाकर, उसका दबाव मेरे लिंग पर बना रही थी.

अलीशा पद्मिसनी की सब बात मानने को तैयार हो गयी. पद्मिँनी ने अपनी सहेली से बात की और फिर उसकी सहेली ने अपने आला अफसरों से कार्यवाही करने की अनुमति भी हासिल कर ली. अलीशा की मदद से उन लोगों के सभी ठिकानो पर छापा मारा गया और सभी लोग गिरफ्तार कर लिए गये.सेक्स पिक्चर का गाना

मैं पलट कर उसके पास आया और फिर वापस उसके सामने उसी तरह से बैठ गया. मैने उसके दोनो हाथो को अपने हाथों मे लिया और पुछा. निक्की बोली आप बेफिकर होकर जाइए. मैं आपके समय पर हॉस्पिटल पहुच जाउन्गी. मैं मेहुल या अंकल को आपकी कमी नही अखरने दुगी.

मैं पद्मिीनी के उपर कुछ देर ऐसे ही लेटा रहा. फिर उसके उपर से उतर कर उसके पास आ गया. मेरी उस से इसी बारे मे बहुत देर तक बात चलती रही. बाद मे हम लोगों ने एक बार और सेक्स किया. फिर हम लोग देर रात को ऐसे ही सो गये.

मैं बोला मैं सिर्फ़ यही साबित करना चाहता हूँ कि, वो मुझे कितना प्यार करती है. तुम देख लेना इतने से मे ही उसका कॉल आ जाएगा.,मी आमदार झालो तर निबंध निक्की बोली बात आपकी सही है मगर मुझे आप अजनबी नही लगते, और मुझे आपकी बात पर पूरा यकीन है. अब इस बात को छोड़िए और ये बताइए क्या आपकी कोई गर्लफ्रेंड है.

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